Wednesday, 31 January 2018

*अच्छा लगा *

*अच्छा लगा *

ना सोचा था किसी से दिल लगाने की कभी,
पर आपका दिल से दिल मिलाना अच्छा लगा...
झूठे होते हैं ये प्यार के वादे करने वाले,
पर आपका ये निश्छल प्रेम अच्छा लगा...

साथ जीने मरने की कसमें खा कर,
सात कदम भी साथ नहीं चल पाते हैं लोग,
पर यूँ बिन किसी वादे के सारी ज़िंदगी, 
आपका साथ निभाना अच्छा लगा...

बन जाता कोई ना कोई हमसफ़र,
हमारे इस ज़िंदगी के सफर का,
पर एक अनजाने मोड़ पर आपका मिलना,
और यूँ ताउम्र साथ चलना अच्छा लगा...

#SwetaBarnwal
(dedicated to my loving husband) 

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