ये कैसी दोहरी नीति है हमारे देश की,
ये कैसी कानून व्यवस्था बनाई है...
जहां दीपावली के पटाखे प्रदूषण फैलाए,
New year, Christmas, सबे-बरात के पटाखे echo friendly कहलाए...
जहां मंदिर मे दूध चढ़ाना बर्बादी कहलाए,
मस्जिद मे चादर चढ़ाना और चर्च मे candle जलाना आस्था कहलाए...
जहां मंदिर जाना वक़्त की बर्बादी कहलाए,
पर theatre जा कर movie देखना fashion कहलाए...
जहां आश्रम और मंदिर मे छापे पड़ते हैं,
मस्जिद और चर्च को छूने से भी डरते हैं...
जहां होली के रंगो में पानी की बर्बादी दिखती है,
पर Mcdonald और KFC के खर्चे standard symbol बन जाते हैं...
जहां तुलसी और पीपल पूजन अंधविश्वास है,
पर प्लास्टिक का xmas tree खुशी और विश्वास का प्रतीक है...
ये कैसी दोहरी नीति है हमारे देश की,
Ye कैसी कानून व्यवस्था बनाई है...
#SwetaBarnwal
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