Sunday, 31 December 2017

भारत माँ के लाल बहुतेरे,
अब सबको जागना होगा,
क्यूँ देश की रक्षा का ज़िम्मा,
बस उन फ़ौज़ी पे होगा...

#SwetaBarnwal

No comments:

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...