रब ने नवाज़ा हमे ज़िंदगी देकर,
और हम शौहरत मांगते रह गए...
ज़िन्दगी गुज़ार दी शौहरत के पीछे,
फिर जीने की मोहलत मांगते रह गये...
ये कफ़न, ये जनाज़े, ये कब्र,
सिर्फ बातें हैं मेरे दोस्त...
वरना मर तो इंसान तभी जाता है,
जब याद करने वाला कोई ना हो...
ये समंदर भी तेरी तरह खुदगर्ज निकला,
ज़िंदा थे तो तैरने ना दिया, और मर गये तो डूबने ना दिया...
क्या बात करें इस दुनिया की,
हर शख्स के अपने अफसाने हैं...
जो सामने है उसे सब बुरा कहते हैं,
जिसको देखा नही, उसे सब "खुद़ा" कहते हैं...।
#SwetaPrakash
और हम शौहरत मांगते रह गए...
ज़िन्दगी गुज़ार दी शौहरत के पीछे,
फिर जीने की मोहलत मांगते रह गये...
ये कफ़न, ये जनाज़े, ये कब्र,
सिर्फ बातें हैं मेरे दोस्त...
वरना मर तो इंसान तभी जाता है,
जब याद करने वाला कोई ना हो...
ये समंदर भी तेरी तरह खुदगर्ज निकला,
ज़िंदा थे तो तैरने ना दिया, और मर गये तो डूबने ना दिया...
क्या बात करें इस दुनिया की,
हर शख्स के अपने अफसाने हैं...
जो सामने है उसे सब बुरा कहते हैं,
जिसको देखा नही, उसे सब "खुद़ा" कहते हैं...।
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