जो कलम चलती है तो दिल की दास्तां लिखती हूँ.,
वफ़ा और बेवफ़ाई का अंदाज़-ए-बयां लिखती हूँ,
सिमटते नहीं हैं मेरी पलकों पे आँसू,
जब उनसे गम-ए-ज़ुदाई के अल्फाज़ लिखती हूँ...
#SwetaBarnwal
वफ़ा और बेवफ़ाई का अंदाज़-ए-बयां लिखती हूँ,
सिमटते नहीं हैं मेरी पलकों पे आँसू,
जब उनसे गम-ए-ज़ुदाई के अल्फाज़ लिखती हूँ...
#SwetaBarnwal
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