Tuesday, 19 December 2017

नया साल

ये साल जा रहा है, नया साल आ रहा है,,,
ये वक़्त गुज़र रहा है, वो वक़्त भी गुज़र जाएगा...

सब कुछ पाने की चाह मे बहुत कुछ छूट रहा है,,,
आज जो अपना है कौन जाने कब वो बेगाना हो जाएगा...

ज़िन्दगी की रेस लगी है, हर कोई दौड़ रहा है,,,
नाम कमाने की कोशिश में हर कोई गुमनाम हो जाएगा...

दुनिया की भीड़ मे सब अपनों को खो रहा है,,,
रंग बदलती दुनिया मे एक दिन ख़ुद खो के रह जाएगा...

ये साल जा रहा है, नया साल आ रहा है,,, 
ये वक़्त गुज़र रहा है, वो वक़्त भी गुज़र जाएगा...

#SwetaBarnwal 

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