Friday, 8 December 2017

माँ

ज़िन्दगी की तपती धूप में एक ठंढा साया पाया है मैंने,
जब आंखें खोली अपनी माँ को मुस्कुराता हुआ पाया है मैने.. 

जब भी माँ का नाम लिया,
उनका बेशुमार प्यार पाया है मैंने.. 


जब भी कोई दर्द महसूस हुआ या आई हो कोई भी मुसीबत,
खुद को अपनी माँ के पहलु मे महफूज़ पाया है मैंने..

जागती रही वो रात भर मेरे लिए, 
ना जाने कितनी ही रातें उन्हें जगाया है मैंने.. 


ज़िन्दगी के किसी मोड़ पे जो हुई गुमराह मैं, 
इसकी हिदायत पे पकड़ ली सीधी राह मैने...

जिसकी दुआ से हर मुसीबत लौट जाए, 
ऐसी नेमत ख़ुदा से पाई है मैंने..

हर फिक्र को जानने वाली, जज़्बातों को पहचानने वाली,
मेरे सपनों को अपने पलकों पे सजाया है उसने..

मेरी ज़िन्दगी की पहचान मेरी माँ से है,
मेरे लिए अपनी ज़िन्दगी की समा जलाई है माँ ने..

#SwetaBarnwal 


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