Friday, 1 December 2017

मेरे "पापा" 😇

मुझे नाज़ों से पाला,  मुझे सर पे बिठाया,
मुझे गले से लगाया, मुझसे लाड़ लडाया,
जिसने हर मुसीबत से है मुझको बचाया,
हैं जहाँ से भी प्यारे मुझको मेरे "पापा" ।

अच्छे-बुरे का जिसने पहचान कराया,
हालातों से जिसने मुझे लड़ना सिखाया,
आंधियों में भी मुझे डिगना सिखाया,
हैं जहाँ से भी प्यारे मुझको मेरे "पापा" ।

हर घड़ी हर पल जो मेरे साथ रहे,
आगे बढ़ने को हर पल जो मुझसे कहे,
मेरी बेटी है "श्वेता" कह के जो गर्व करे,
हैं जहाँ से भी प्यारे मुझको मेरे "पापा" ।

गल्तियों पे डांटा और फिर प्यार से समझाया,
छोटी-छोटी उपलब्धियों पे मुझको सराहा,
मेरे सपनों को जिसने अपना जीवन बनाया,
हैं जहाँ से भी प्यारे मुझको मेरे "पापा" ।

अपने परों से मुझको उड़ना सिखाया,
स्वाभिमान के साथ जिसने मुझे जीना सिखाया,
बुराईयों से जिसने मुझे लड़ना सिखाया,
हैं जहाँ से भी प्यारे मुझको मेरे "पापा" ।

#SwetaBarnwal

Dedicated to my father, who will always be with me in my heart... 😔

2 comments:

Prakash Chandra said...

So sweet, your emotions with tears

Prakash Chandra said...

So sweet, your emotions with tears

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...