Thursday, 28 June 2018

साँसों की आहट हमारी पहचानते हो, 
फ़िर क्यूँ ये दूरियां है दरमियाँ अपने, 
चले आओ एक बार फिर से पास मेरे,
कि दिल आज फिर से बेकरार है मिलने को...

#SwetaBarnwal 

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