साँसों की आहट हमारी पहचानते हो,
फ़िर क्यूँ ये दूरियां है दरमियाँ अपने,
चले आओ एक बार फिर से पास मेरे,
कि दिल आज फिर से बेकरार है मिलने को...
#SwetaBarnwal
फ़िर क्यूँ ये दूरियां है दरमियाँ अपने,
चले आओ एक बार फिर से पास मेरे,
कि दिल आज फिर से बेकरार है मिलने को...
#SwetaBarnwal
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