उम्र अभी है छोटी उनकी,
थोड़ा और उनको खिल जाने दो,
ब्याह रचाने की क्या है जल्दी,
थोड़ा और उन्हें पढ़ जाने दो...
दिन हैं इनके मस्ती के,
थोड़ा और इन्हें मुस्कुराने दो,
बेड़ियों मे ना जकड़ इनको,
थोड़ा और उन्हें अभी जीने दो...
नाज़ुक कली है अभी ये बगिया के,
थोड़ा सा तो खिल जाने दो,
यौवन अभी अधूरा है इनका,
बचपन को इनके और मुस्काने दो...
कच्ची मिट्टी के हैं ये बने पुतले,
थोड़ा और इन्हें पक जाने दो,
अभी अभी तो निकला है सुरज,
दिन को थोड़ा और चढ़ जाने दो...
क्या जल्दी है हाथ पीले करने की,
है ये बहुत बड़ी नादानी अपनी,
फ़िर से ना लिख दो दुखद कहानी,
थोड़ी सी और इन्हें लहलहाने दो...
छोटी सी भूल से अपने
उजड़ जाएगा इनका जीवन,
खुबसूरत सी इस धरती पर
थोड़ा सा और इन्हें इठलाने दो...
कच्ची नीव रखोगे जो तुम,
सुंदर भवन भी गिर जाएंगे,
अभी अभी खिला है पौधा,
थोड़ा तो इनको और बढ़ जाने दो...
थोड़ा और उनको खिल जाने दो,
ब्याह रचाने की क्या है जल्दी,
थोड़ा और उन्हें पढ़ जाने दो...
दिन हैं इनके मस्ती के,
थोड़ा और इन्हें मुस्कुराने दो,
बेड़ियों मे ना जकड़ इनको,
थोड़ा और उन्हें अभी जीने दो...
नाज़ुक कली है अभी ये बगिया के,
थोड़ा सा तो खिल जाने दो,
यौवन अभी अधूरा है इनका,
बचपन को इनके और मुस्काने दो...
कच्ची मिट्टी के हैं ये बने पुतले,
थोड़ा और इन्हें पक जाने दो,
अभी अभी तो निकला है सुरज,
दिन को थोड़ा और चढ़ जाने दो...
क्या जल्दी है हाथ पीले करने की,
है ये बहुत बड़ी नादानी अपनी,
फ़िर से ना लिख दो दुखद कहानी,
थोड़ी सी और इन्हें लहलहाने दो...
छोटी सी भूल से अपने
उजड़ जाएगा इनका जीवन,
खुबसूरत सी इस धरती पर
थोड़ा सा और इन्हें इठलाने दो...
कच्ची नीव रखोगे जो तुम,
सुंदर भवन भी गिर जाएंगे,
अभी अभी खिला है पौधा,
थोड़ा तो इनको और बढ़ जाने दो...
उम्र अभी है छोटी उनकी,
थोड़ा और उनको खिल जाने दो,
ब्याह रचाने की क्या है जल्दी,
थोड़ा और उन्हें पढ़ जाने दो...
#SwetaBarnwal

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