काश...!
समझ पाते तुम
मेरे अनकहे
जज़्बातों को,
तो ये अहसास
मोहताज़ ना होते
मेरे शब्दों के,
जरूरत ना पड़ती
कागज़, कलम
और दवात की,
जो दिखा पाती मैं
अपने दिल के दर्द
इन आँखों से,
काश...!
#SwetaBarnwal
समझ पाते तुम
मेरे अनकहे
जज़्बातों को,
तो ये अहसास
मोहताज़ ना होते
मेरे शब्दों के,
जरूरत ना पड़ती
कागज़, कलम
और दवात की,
जो दिखा पाती मैं
अपने दिल के दर्द
इन आँखों से,
काश...!
#SwetaBarnwal
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