Friday, 22 June 2018

विवाह

आसमान में बनते हैं जोड़े, 
हम ये सबसे सुनते आए हैं, 
जब से पाया है तुमको हमने, 
इन बातों पे ऐतबार हमे आया है, 

जो तुम हमको मिले ना होते, 
जीवन कितना बेरंग होता, 
यूँ तो होता सबकुछ अपना, 
फ़िर भी रहता अधूरा सपना,

तुम बिन सच कहते हैं 
अधूरे हम रह जाते शायद,
हर कसम तुमने निभाई है, 
हर रिश्ते को तुमने मान दिया, 

विवाह का एक खौफ था मन में, 
तुम्हें पाकर मैं हुई निहाल, 
तेरे रंग मे यूँ रंगी साजना, 
जैसे राधा रंग गई श्याम मे, 

सम्मान मेरा ना खोने पाए, 
इसका भी तुमने मान रखा,
हर पग पर दिया साथ मेरा,
हौसला बढ़ाया तुमने मेरा,

पति भी तुम साथी भी तुम,
हर रिश्ते को तुझमे जिया है हमने,
दिल से धड़कन का रिश्ता जैसे, 
वैसे ही मुझको पिया मिले हैं, 

दो जिस्म भले हैं हम तुम, 
दोनों मे एक ही जान अब पलती है,
एक ही दोनों मे अहसास जगे हैं, 
आँखों में एक ही अरमां सजते हैं, 

एक दूजे की जान हैं हम, 
एक दूजे की पहचान बने हम, 
अब एक ही दिल धड़कता है, 
बस एक ही साँसें चलती हैं,

आज इस मोड़ पर आ पहुंचे हम, 
जीवन बगिया सजा बैठे हम, 
ताउम्र हम यूँ ही साथ रहेंगे #श्वेता, 
ये धरती अंबर सब कहते हैं...

#SwetaBarnwal 


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