सिर्फ अपनी सच्चाई और वफ़ा के दम पर
चले थे हम उनसे मोहब्बत करने,
चंद सिक्के थे अपनी जेब में
और हम चले थे पूरा आसमान खरीदने...
#SwetaBarnwal
चले थे हम उनसे मोहब्बत करने,
चंद सिक्के थे अपनी जेब में
और हम चले थे पूरा आसमान खरीदने...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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