एक दिन हमने उनसे पूछ ही लिया,
आख़िर "हम आपके हैं कौन...?"
वो मुस्कुराए और बोले,
"दिल बहलाने का सामान"
#SwetaBarnwal
आख़िर "हम आपके हैं कौन...?"
वो मुस्कुराए और बोले,
"दिल बहलाने का सामान"
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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