कुछ तेरा ख़ामोश सा ख़्याल और कुछ तेरी बातें,
बस इन्हीं ख्यालों मे गुज़र जाता है मेरा दिन, मेरी रातें...
#SwetaBarnwal
बस इन्हीं ख्यालों मे गुज़र जाता है मेरा दिन, मेरी रातें...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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