Friday, 15 June 2018

जागती आँखों से हर बार नज़र आते हो तुम,
जो पास आना चाहूँ कहाँ गुम हो जाते हो तुम,
हर पल तेरी हर छुअन महसूस होती है मुझे,
जो मैं छूना चाहूँ तुझको कहाँ गुम हो जाते हो तुम...

#SwetaBarnwal 

No comments:

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...