नज़रअंदाज़ी की बात ना करो आप,
यूँ मेरे दर्द को ना उकेरो आप,
हमारी मोहब्बत मे जितनी अर्जियां हमारी थी
उतनी ही मनमर्ज़ीयां उनकी थी... 😢
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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