Monday, 25 June 2018

तुम मेरे हो,
ये अहसास रोज दिला जाया करो,
जो है दिल में तुम्हारे, 
अल्फाज़ों से भी कभी बयां कर जाया करो...

#SwetaBarnwal

No comments:

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...