जिस आँगन में खेली मैं,
जिस आँगन मैं हुई सयानी,
जिस आँगन मे मुझको मान मिला,
बेटी होने का अभिमान मिला,
कैसे उनको मैं तज देती,
कैसे माँ बाबा के संस्कारों को भूला देती,
चाहे जीवन में जैसी आंधी आए,
या कोई मुझसे किनारा कर जाए,
माँ बाबा की उम्मीदों को ना तोड़ुंगी,
छोटों का साथ कभी ना छोड़ूंगी...
#SwetaBarnwal
जिस आँगन मैं हुई सयानी,
जिस आँगन मे मुझको मान मिला,
बेटी होने का अभिमान मिला,
कैसे उनको मैं तज देती,
कैसे माँ बाबा के संस्कारों को भूला देती,
चाहे जीवन में जैसी आंधी आए,
या कोई मुझसे किनारा कर जाए,
माँ बाबा की उम्मीदों को ना तोड़ुंगी,
छोटों का साथ कभी ना छोड़ूंगी...
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