Friday, 27 July 2018

कितने बारिश और धूप
आए और चले गए,
पर जिसका इंतजार था
वो अब तक नहीं आए...

#SwetaBarnwal

बंटवारा...

कभी-कभी ये सोच मैं हो जाती हूँ हैरान,
कैसा होता हिंदुस्तान
गर बंटवारे के बाद सारे मुसलमान
चले जाते पाकिस्तान...

ना धर्म की लड़ाई होती,
ना मुस्लिम वोट बैंक का झगड़ा,
चारों तरफ अमन और शांति होती,
ना होता कोई भी लफड़ा...

एक ही धर्म का होता बोलबाला,
चाहे हो कोई गली या मोहल्ला,
ना कोई बाबरी मस्जिद होता,
ना होता कभी मंदिरों पे हमला...

पुर सुकून की ज़िंदगी होती,
हर ओर होता चैन-ओ-अमन,
देश का बंटवारा तो हो गया था #श्वेता,
गांधी जी ने देश का किया ये कैसा दमन...

#SwetaBarnwal
तन्हाइयों की आदत ना थी हमे,
महफिलों के हम भी शौकीन हुआ करते थे,
ये खामोशियाँ तो उनका दिया तोहफ़ा है,
जिन्हें हम कभी दिल-ओ-जान से चाहा करते थे...

#SwetaBarnwal

Thursday, 26 July 2018

हमने कलम उठाया 
और अपने जज़्बातों को 
अल्फाज़ों का रूप दे दिया 
और भेज दिया उनको 
पर जो जज़्बात ना समझ पाए 
वो मेरे अल्फाज़ क्या समझेंगे... 

#SwetaBarnwal 

इंतज़ार की आदत अब रही नहीं,
ख्वाहिशें राहों में कहीं खो गई है,
अब ना शिकवा है कोई, 
और ना शिकायत है उनसे,
अगर कुछ है... तो मोहब्बत,
जो इन तन्हाइयों से हमें हो गई है...

#SwetaBarnwal

अपना भारत...

अब लद गए वो दिन #श्वेता
जब ऐसा अपना हिंदुस्तान था...

अमन और शांति फैली थी हर ओर 
जहाँ ना कोई हिंदू, ना मुसलमान था...

राम प्रसाद बिस्मिल्ल आदर्श थे तो 
अशफ़ाक उल्ला खां देश की जान थे...

भारत माता की दुनिया में अलग पहचान थी,
हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई ये चारों इसकी संतान थे... 

अब तो चारों ओर बस आतंकवाद का डेरा है, 
गरीबी, बेरोजगारी और बेहाली ने सबको घेरा है... 

कभी राजनीति के नाम पर दंगे होते हैं,
तो कहीं दंगो और लाशों की राजनीति होती है...

विश्वगुरु कहा जाने वाला अपना भारत 
आज ख़ुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है...


#SwetaBarnwal 

Wednesday, 25 July 2018

ना दिमाग, ना दिल, ना नज़र में रहते हैं,
बड़ा गुमान है उन्हें वो बड़ी अकड़ मे रहते हैं...

#SwetaBarnwal
उनकी आँखों में डूब जाने को जी चाहता है,
इश्क़ मे उनके फना होने को जी चाहता है,
बहक रहे हैं कदम मेरे कि कोई संभाले मुझको,
बेवफ़ाई मे भी उनके लुट जाने को जी चाहता है...

#SwetaBarnwal
इतने गौर से ना देखो इन आँखों में,
कुछ याद रह गया तो हमे भूलना मुमकिन नहीं...

#SwetaBarnwal


ये दिल है #श्वेता कि मानता नहीं,
भागता उसके पीछे है जो कद्र इसकी जानता नहीं...

#SwetaBarnwal
चाहा नहीं कभी #श्वेता 
कि इश्क़ हमारा मुकम्मल हो,
जिसके लिए धड़के दिल मेरा,
उनके दिल में मेरे नाम से हलचल हो...

#SwetaBarnwal 


कैसी है ये मोहब्बत,
कैसी है ये बेकरारी,
मिल जाए तो शर्माए
और ना मिले तो घबराए...

#SwetaBarnwal


मेरी ख़ामोशी से #श्वेता उनको कोई फ़र्क नहीं पड़ता,

कभी जो शिकायत मे दो लफ्ज़ कह दूँ तो चुभ जाते हैं उन्हें...

#SwetaBarnwal 
मिले हम पर मुलाकात ना हो सकी, 
होंठ खुले पर कुछ कह ना सके, 
मेरी ख़ामोशी सब कुछ कह गई, 
और उन्हें शिकायत है कि बात ना हो सकी...


#SwetaBarnwal 

Tuesday, 24 July 2018

अपनी हज़ार जिम्मेदारियों के बीच
किसी को याद करना मोहब्बत है,
बिन कुछ कहे बिन कुछ सुने,
किसी को समझना मोहब्बत है...
चाहे खुशी हो या कोई गम, 
किसी को महसूस करना मोहब्बत है, 
पास हो या हो दरमियाँ दूरी, 
किसी के दिल में धड़कना मोहब्बत है... 


#SwetaBarnwal 

Monday, 23 July 2018

बहुत कुछ कहना था तुमसे,
कभी वक़्त ना मिला तो कभी अल्फाज़...

#SwetaBarnwal 

Sunday, 22 July 2018

बारिश की फुहार अच्छी हो,
फूलों की कलियाँ कच्ची हो,
दिल सबका बच्चा हो, 
हमारा ये रिश्ता सच्चा हो,
बस एक दुआ है रब से,
मेरे यार का हर लम्हा अच्छा हो...

#SwetaBarnwal
कोई तो सुलह करा दे
ज़िन्दगी के उलझनों से,
बड़ी चाहत जगी है हमें
आज तो मुस्कुराने की...

#SwetaBarnwal


मंज़िल भी रोएगी,
साहिल भी रोएगा,
मुझे खो कर
उसका दिल भी रोएगा,
हमने लुटाया है इस कदर
जहाँ मे अपना प्यार,
मेरी मौत पे #श्वेता 
हर पत्थर दिल भी रोएगा...

#SwetaBarnwal 
तुम लौट की बात कर रहे,
हम तो आज भी वहीं खड़े हैं
जहाँ तूने कहा रुको मैं आता हूँ...

#SwetaBarnwal
अब भी तड़प रहा है ऐ दिल तू उसकी याद में,
उस बेवफा ने #श्वेता तुझे कब का भुला दिया..।

#SwetaBarnwal 
कभी-कभी ज़िन्दगी में ऐसे भी मोड़ आते हैं,
दिल-ए-अज़ीज़ भी #श्वेता दिल तोड़ जाते हैं...

#SwetaBarnwal 
वो शाम जो तेरे साथ बीती है,
एक पगली उसे हर शाम जीती है...

#SwetaBarnwal

Saturday, 21 July 2018

मैं चलती रही ये दुनिया जलती रही,
अपने गमों की कभी नुमाईश ना की,
जो जहां मिला उसे अपना लिया #श्वेता,
जो ना मिल सका उसकी ख्वाहिश ना की...


#SwetaBarnwal 

Friday, 20 July 2018

वजह बताएं भी तुम्हें तो कैसे #श्वेता, 
इस ख़ामोशी की वजह भी तो तुम ही हो...

#SwetaBarnwal 
खामोशियाँ बेहतर है शब्दों से,
कई रिश्तों की आबरू रख लेती है...

#SwetaBarnwal
बात इतनी सी है कि
अपने बीच दूरियां बढ़ती जा रही है,
और इन्तेहां ये है कि
तुम इस बात को समझते नहीं...

#SwetaBarnwal

Wednesday, 18 July 2018



सुना है...
चाहत सच्ची हो तो आसमां झुक जाता है,
Waqt भी आकर कदमों मे रुक जाता है...

#SwetaBarnwal
वक़्त को तेरे ख़ातिर हमने मुट्ठी में कैद कर रखा है,
ये और बात है कि अब तेरा दिल भर गया है हमसे...

#SwetaBarnwal
सच्चे साथी की जरूरत तो साहब हर एक को होती है, 
बस ये मुकद्दर की बात है किसकी जरूरत पूरी होती है...

#SwetaBarnwal
ये वफ़ा बेवफ़ाई सारा खेल है दिल का,
कभी किसी पे आ जाए, कभी किसी से भर जाए...

#SwetaBarnwal
प्रेम कब, कहां, क्यूँ और किससे हो जाए पता चलता नहीं,
पर जब हो जाए तब कोई और इस दिल को भाता नहीं...

#SwetaBarnwal

Sunday, 15 July 2018

इस मुस्कुराहट के पीछे का दर्द वो क्या जाने,
दिल के अंदर के तूफानों को भला वो क्या पहचाने,
वक़्त के साथ बदल जाते हैं चेहरे सारे #श्वेता, 
जो कल तक अपने थे आज पराये होंगे क्या जाने...

#SwetaBarnwal 

Friday, 13 July 2018

तारीख बदलते देर नहीं लगती,
तकदीर बदलते देर नहीं लगती,
गर साथ मिल जाए सच्ची मोहब्बत का,
तो ज़िन्दगी संवरते देर नहीं लगती...

#SwetaBarnwal

बरसात की वो रात....

ताउम्र नहीं भूल पाऊँगी 
बरसात की वो रात, 
एक अनजानी सड़क पर 
एक अनजाने से वो मुलाकात... 

हाए...! उनकी वो सादगी 
उनके आँखों में वो सच्चाई, 
एक दिलकश अंदाज़, 
उसपे वो दिलनशी आवाज़,
दिल में तूफ़ान जगाती 
वो जज़्बात की रात... 

ताउम्र नहीं भूल पाऊँगी 
बरसात की वो रात... 

वो चौड़े से शाने पे 
अनचाहे झुकना मेरा, 
बारिश की फीसलन मे 
पावों का लड़ख़ड़ाना मेरा, 
बड़ी ही शालीनता से 
वो मुझको संभालना तेरा,
कभी किसी ने देखी ना सुनी
ऐसी अहसासों की रात... 

ताउम्र नहीं भूल पाऊँगी 
बरसात की वो रात... 

सुर्ख आँखों से 
वो चुपके से देखना तेरा, 
मुझसे छुप कर 
मुझी से नजरें मिलाना तेरा, 
चोरी छुपे नजरों के तीर 
मेरे दिल पे वो चलाना तेरा, 
पानी में आग लगाती 
वो मदहोश सी रात... 

ताउम्र नहीं भूल पाऊँगी 
बरसात की वो रात... 

मेरे शब्दों में बस जाए 
ऐसी शख्सियत थी तेरी, 
एक जादू सी चलाती 
वो ऐसी मासूमियत तेरी, 
आसमां से उतरी हुई 
जैसे वो  आसमानी सी रात... 

ताउम्र नहीं भूल पाऊँगी 
बरसात की वो रात... 

साथ साथ मेरे 
वो चलना तेरा, 
ख़ामोश रह कर भी 
सब कुछ कहना तेरा, 
बिन छुए मुझे 
मेरे रूह में समाना तेरा, 
हकीकत में मिली 
जैसे वो ख्वाबों की रात... 

ताउम्र नहीं भूल पाऊँगी 
बरसात की वो रात... 
एक अनजानी सड़क पर 
एक अनजाने से वो मुलाकात...

#SwetaBarnwal 


Thursday, 12 July 2018

अपनी रूह को हम उनके जिस्म में छोड़ आए हैं,
गले मिलना तो बस एक बहाना था #श्वेता...

#SwetaBarnwal 
तू मेरी ज़िन्दगी का एक खूबसूरत सा हिस्सा है,
जो कभी जुदा ना हो मुझसे तू ऐसा किस्सा है,
सिर्फ लफ़्ज़ों का ही नहीं नाता है तुझसे मेरा,
तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा #श्वेता...

#SwetaBarnwal 

आज़ादी उनकी पनाहोंं से
हमने कभी चाही नहीं,
हम तो वो परिंदे हैं #श्वेता 
जिन्हें उनकी बेवफ़ाई से भी प्यार है...

#SwetaBarnwal 

Wednesday, 11 July 2018

हवा हूँ मैं...

हवा हूँ मैं
दिखती नहीं किसी को
पर तेरे पास ही रहती हूँ
तेरी हर साँस के साथ
तेरे दिल में समा जाती हूँ

हवा हूँ मैं
मैं चलूँ तो सृष्टि चले,
रुक जाऊँ जो सब रुक जाए,
हर पल तुझमे समाई हूँ मैं 
फ़िर भी छु ना पाओगे कभी मुझे,

हवा हूँ मैं,
पंछियों की तरह उड़ती हूँ मैं
बिन थके हर पल बहती हूँ मैं,
पंख नहीं मेरे
पर ऊंचे आसमां को छूती हूँ मैं,
धरती की खूबसूरती की वजह हूँ मैं,

हवा हूँ मैं...

#SwetaBarnwal
दिल को संभालुं या साँसों को करूं काबू,
तुझे जी भर कर देखने मे मुश्किल बड़ी है...

#SwetaBarnwal

हवा का झोंका हैं हम
चुपके से गुज़र जाएंगे,
ख़ामोशी से आपके दिल में
हम धड़कन बन उतर जाएंगे...

#SwetaBarnwal
तुम यादों में रहोगे
जब तलक ये सांसें चलेगी,
सांसे ही टूट जाए
तो #श्वेता और बात होगी...

#SwetaBarnwal 
फकत लफ़्ज़ों का नहीं
रूह का नाता है तुझसे,
मेरी साँसों में समाया है तू
किसी खुशबू की तरह...

#SwetaBarnwal
बहुत ज़ालिम हो तुम
मोहब्बत करते हो ऐसे, 
सोने के पिंजरे में कोई
परिंदा पालता हो जैसे...

#SwetaBarnwal


हम उन्मुक्त गगन के परिंदें हैं,
हमें सोने चांदी का मोह नहीं,
बस तुम्हारा साथ मिल जाए,
फ़िर कुछ और की चाह नहीं...

#SwetaBarnwal
तेरे इश्क़ मे मशहूर मेरा दिल
मुझे ही दगा देता है,
रह कर मेरे सीने में
ये तेरे नाम से धड़कता है...

#SwetaBarnwal
तुम भी बारिश की इन बूंदों की तरह हो गए हो,
बरसते तभी हो जब तुम्हारी मर्ज़ी होती है...
मिला करते हो बस अब अपने मतलब से तुम, 
जैसे तुमको भी जमाने वालों के सारे रोग लग गए हो... 


#SwetaBarnwal 
किसी कलम के जादूगर से
उसके दर्द की कहानी ना पूछो,

इतनी खूबसूरती से वो दर्द को सुनाएगा 
कि प्यार हो जाएगा...

#SwetaBarnwal
यूँ  वफा  की बात  की और दिल चुरा  गए, 
तन्हाई में अपने दिल की धड़कन सुना गए, 
हम तो समझते रहे उनको अपना हमराज़, 
और वो हमे दुनिया का असली रंग दिखा गए...

#SwetaBarnwal 
मैं जितना चाहूं सुनना तुझे #श्वेता, 
खामोशियाँ और ज्यादा शोर मचाती है...

#SwetaBarnwal 
एक बार कोशिश तो करो सुनने की #श्वेता,
कभी-कभी खामोशियाँ भी बहुत कुछ कह जाती है...

#SwetaBarnwal 
खो ना जाना तुम इन खुशबुओं मे कहीं #श्वेता,
बड़ी गहरी चोट देते हैं लोग दिल से लगकर...

#SwetaBarnwal 
इस कदर रूह में मेरे समा गए हो तुम #श्वेता ,
पता ही नहीं चलता मुझमे हो तुम या तुझमे हैं हम...

#SwetaBarnwal 
तुमसे ही सीखी नज़रअंदाज़ी #श्वेता, 
तुम पे ही आज़माया तो बुरा मान गए...


#SwetaBarnwal 
उनकी गलियों से जब गुज़रे
तो मंज़र अजीब था,
दर्द था मगर #श्वेता 
वो दिल के करीब था,
जिसे हम ढूँढ़ते थे
अपने हाथों की लकीरों में,
वो शख्स मोहब्बत मेरी
पर किसी और का नसीब था...

#SwetaBarnwal 
वो क्या जाने #श्वेता...!
क्या होती है तन्हाई,
साख से टूटे पत्तों से पूछो
आख़िर क्या होती है जुदाई,
यूँ बेवफ़ाई का इल्ज़ाम
दे जाया करते हैं वो हरबार,
एक बार वक़्त से भी पूछ लेते
कब हमे उनकी याद ना आई...

#SwetaBarnwal 
कभी आँखों से छलकते हैं, 
कभी कागज पर उतरते हैं,
कुछ ऐसे भी दर्द हैं ज़िन्दगी में,
जो ताउम्र दिल में ही पलते हैं...

#SwetaBarnwal

Monday, 9 July 2018

मोहब्बत तो आज भी 
बहुत है तुमसे, 
बस अब हमने 
जताना छोड़ दिया, 
दिल में छुपे 
अरमानों को 
बस अब तुमसे 
बताना छोड़ दिया, 
इंतज़ार आज भी 
रहता है, 
तेरे एक msg
और call का,
बस इन बातों को
कहना छोड़ दिया,
तरसता तो 
आज भी है ये दिल 
तेरी एक झलक पाने को,
दर्द आँखों में 
आज भी पलते हैं 
जुदाई के 
बस अब हमने 
दिखाना छोड़ दिया, 
कल तक जिसके लिए 
बेचैन रहता था दिल 
हर घड़ी जिसका 
इंतज़ार था आँखों को 
बेकरारी तो आज भी 
बहुत है तेरा साथ पाने का 
बस तेरी याद मे अब हमने 
आँखों को रुलाना छोड़ दिया, 

#SwetaBarnwal 

Thursday, 5 July 2018

चलो अब जाने दो,
ये किस्सा
मोहब्बत का 
यहीं खत्म करो, 
क्या करोगे तुम
दास्तां हमारी सुन कर,
ख़ामोशी तुम
समझोगे नहीं, 
और बयां हमसे
होगा नहीं...

  • #SwetaBarnwal

बाकी सब ठीक है....!

यारों की यारी,
वो साथ बिताए लम्हें,
चंद सिक्के जेब में,
साथ मे यादों का कारवां,
और आँखों में दो बूंद आँसू,
बाकी सब ठीक है...

माँ के हाथों की रोटी,
पिता के साये में बेखौफ ज़िन्दगी,
भाई बहन के नोंक झोंक,
वो खूबसूरत सा बचपन,
और दिल में यादों की कसक,
बाकी सब ठीक है...

चेहरे पे झुर्रियां, 
बालों में पड़ी चांदी,
आँखों के नीचे काले निशान,
अतीत के साये का पहरा,
और दिल पे पड़ा जख्म गहरा,
बाकी सब ठीक है...

गैरों की छोड़ो 
अपनों का भी बेगानापन, 
कभी मेरी मासूमियत 
तो कभी मेरे नादानीयों से 
मिल कर खेला सबने यहां, 
बाकी सब ठीक है... 

#SwetaBarnwal 
लड़खड़ाये जो कदम 
तो उंगली उठाते हैं  लोग, 
दिल पे पड़े बोझ को #श्वेता 
भला कहाँ देख पाते हैं लोग...

#SwetaBarnwal 
जब सवालों के जवाब मिलने बंद हो जाए, 
तो समझ लीजिए कि वक़्त आ गया है
रिश्ते और रास्तों को एक नया मोड़ देने का...

#SwetaBarnwal 

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...