मंज़िल भी रोएगी,
साहिल भी रोएगा,
मुझे खो कर
उसका दिल भी रोएगा,
हमने लुटाया है इस कदर
जहाँ मे अपना प्यार,
मेरी मौत पे #श्वेता
हर पत्थर दिल भी रोएगा...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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