यारों की यारी,
वो साथ बिताए लम्हें,
चंद सिक्के जेब में,
साथ मे यादों का कारवां,
और आँखों में दो बूंद आँसू,
बाकी सब ठीक है...
माँ के हाथों की रोटी,
पिता के साये में बेखौफ ज़िन्दगी,
भाई बहन के नोंक झोंक,
वो खूबसूरत सा बचपन,
और दिल में यादों की कसक,
बाकी सब ठीक है...
चेहरे पे झुर्रियां,
बालों में पड़ी चांदी,
आँखों के नीचे काले निशान,
अतीत के साये का पहरा,
और दिल पे पड़ा जख्म गहरा,
बाकी सब ठीक है...
गैरों की छोड़ो
अपनों का भी बेगानापन,
कभी मेरी मासूमियत
तो कभी मेरे नादानीयों से
मिल कर खेला सबने यहां,
बाकी सब ठीक है...
#SwetaBarnwal
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