Sunday, 22 July 2018

कभी-कभी ज़िन्दगी में ऐसे भी मोड़ आते हैं,
दिल-ए-अज़ीज़ भी #श्वेता दिल तोड़ जाते हैं...

#SwetaBarnwal 

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ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...