Wednesday, 11 July 2018

हवा हूँ मैं...

हवा हूँ मैं
दिखती नहीं किसी को
पर तेरे पास ही रहती हूँ
तेरी हर साँस के साथ
तेरे दिल में समा जाती हूँ

हवा हूँ मैं
मैं चलूँ तो सृष्टि चले,
रुक जाऊँ जो सब रुक जाए,
हर पल तुझमे समाई हूँ मैं 
फ़िर भी छु ना पाओगे कभी मुझे,

हवा हूँ मैं,
पंछियों की तरह उड़ती हूँ मैं
बिन थके हर पल बहती हूँ मैं,
पंख नहीं मेरे
पर ऊंचे आसमां को छूती हूँ मैं,
धरती की खूबसूरती की वजह हूँ मैं,

हवा हूँ मैं...

#SwetaBarnwal

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