Wednesday, 18 July 2018

ये वफ़ा बेवफ़ाई सारा खेल है दिल का,
कभी किसी पे आ जाए, कभी किसी से भर जाए...

#SwetaBarnwal

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ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...