Thursday, 26 July 2018

अपना भारत...

अब लद गए वो दिन #श्वेता
जब ऐसा अपना हिंदुस्तान था...

अमन और शांति फैली थी हर ओर 
जहाँ ना कोई हिंदू, ना मुसलमान था...

राम प्रसाद बिस्मिल्ल आदर्श थे तो 
अशफ़ाक उल्ला खां देश की जान थे...

भारत माता की दुनिया में अलग पहचान थी,
हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई ये चारों इसकी संतान थे... 

अब तो चारों ओर बस आतंकवाद का डेरा है, 
गरीबी, बेरोजगारी और बेहाली ने सबको घेरा है... 

कभी राजनीति के नाम पर दंगे होते हैं,
तो कहीं दंगो और लाशों की राजनीति होती है...

विश्वगुरु कहा जाने वाला अपना भारत 
आज ख़ुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है...


#SwetaBarnwal 

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