Thursday, 26 July 2018

इंतज़ार की आदत अब रही नहीं,
ख्वाहिशें राहों में कहीं खो गई है,
अब ना शिकवा है कोई, 
और ना शिकायत है उनसे,
अगर कुछ है... तो मोहब्बत,
जो इन तन्हाइयों से हमें हो गई है...

#SwetaBarnwal

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