उनकी गलियों से जब गुज़रे
तो मंज़र अजीब था,
दर्द था मगर #श्वेता
वो दिल के करीब था,
जिसे हम ढूँढ़ते थे
अपने हाथों की लकीरों में,
वो शख्स मोहब्बत मेरी
पर किसी और का नसीब था...
#SwetaBarnwal
तो मंज़र अजीब था,
दर्द था मगर #श्वेता
वो दिल के करीब था,
जिसे हम ढूँढ़ते थे
अपने हाथों की लकीरों में,
वो शख्स मोहब्बत मेरी
पर किसी और का नसीब था...
#SwetaBarnwal
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