Friday, 1 June 2018

चलने को तो सौ कदम चल दें हम साथ तुम्हारे,
पर जानता है ये दिल तुम कभी ना हो पाओगे हमारे...

#SwetaBarnwal

No comments:

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...