Tuesday, 29 May 2018

जिन रास्तों पर चले थे कभी साथ तुम हमारे,
आज उन रास्तों पर छाया घना अंधेरा है,
समझ नहीं आता ये अंधेरी रात का साया है,
या तुम्हारी बेवफ़ाई ने डाला अपना डेरा है...

#SwetaBarnwal

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