जिन रास्तों पर चले थे कभी साथ तुम हमारे,
आज उन रास्तों पर छाया घना अंधेरा है,
समझ नहीं आता ये अंधेरी रात का साया है,
या तुम्हारी बेवफ़ाई ने डाला अपना डेरा है...
#SwetaBarnwal
आज उन रास्तों पर छाया घना अंधेरा है,
समझ नहीं आता ये अंधेरी रात का साया है,
या तुम्हारी बेवफ़ाई ने डाला अपना डेरा है...
#SwetaBarnwal
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