Friday, 25 May 2018

मुश्किल है...

दिल के राज़ किसी को कह पाना मुश्किल है,
कह भी दो तो उसे समझा पाना मुश्किल है...

हम तो उन पर मर जाएं हंसी खुशी,
पर उनको अपने जज़्बात समझा पाना मुश्किल है...

मेरा ये दिल करता है नादानीयां बारबार, 
तुझे एक पल के लिए भी भूल पाना मुश्किल है... 

है मोहब्बत का समंदर मेरे दिल में तेरे लिए, 
अफसोस तुझ पर ज़ाहिर कर पाना मुश्किल है... 

कुछ जज़्बातों को मेरी खामोशियों में पढ़ लिया करो, 
हर चाहत को ज़ुबां दे पाना मुश्किल है... 

बहुत छुपा लिया दुनिया की नज़र से, 
इस इश्क़ को अब और छुपा पाना मुश्किल है... 

#SwetaBarnwal

No comments:

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...