अक्सर रात की तन्हाइयों में उन्हें हमारी याद सताती है,
पता नहीं..! मोहब्बत उन्हें हमारे दिल से है या हमारे जिस्म से...
#SwetaBarnwal
पता नहीं..! मोहब्बत उन्हें हमारे दिल से है या हमारे जिस्म से...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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