एक प्रेमी के जज़्बात अपनी प्रेमिका के लिए
कभी सपनो से बाहर भी आया करो,
मुझे अपनी अदा से तड़पाया करो,
किस कदर तुम्हारा मुझ पर खुमार है,
हाँ मुझे तुमसे ही प्यार है,
हाँ मुझे तुम से प्यार है,
तुम झरने सी चंचल, तुम पर्वत सी सुन्दर,
करती हो हर पल, तुम पायल सी छन-छन,
तुम्हारी मोरनी सी चल का अब तक मुझे इंतज़ार है,
हाँ कहता हूँ फिर से मुझे तुम से प्यार है,
#अजनवी
प्रेमिका का हृदयोद्गार
सपनों से बाहर आ तो जाऊँ
एक बार हकीकत में बुलाया तो करो,
हमने तो हर साँस वारा है तुझपर
एक बार तुम भी हमारे हो जाया करो,
क्या कहूँ मैं तुझसे,
बस इतना ही मुझे भी तुमसे ही प्यार है...
तेरी जुदाई तड़पाती है मुझे,
एक बार अपने आगोश में समालो,
तेरी आँखें आज भी पीछा करती है
तुझसे मिलने की अनचाही प्यास है,
क्या कहूँ मैं तुझसे,
कभी सपनो से बाहर भी आया करो,
मुझे अपनी अदा से तड़पाया करो,
किस कदर तुम्हारा मुझ पर खुमार है,
हाँ मुझे तुमसे ही प्यार है,
हाँ मुझे तुम से प्यार है,
तुम झरने सी चंचल, तुम पर्वत सी सुन्दर,
करती हो हर पल, तुम पायल सी छन-छन,
तुम्हारी मोरनी सी चल का अब तक मुझे इंतज़ार है,
हाँ कहता हूँ फिर से मुझे तुम से प्यार है,
#अजनवी
प्रेमिका का हृदयोद्गार
सपनों से बाहर आ तो जाऊँ
एक बार हकीकत में बुलाया तो करो,
हमने तो हर साँस वारा है तुझपर
एक बार तुम भी हमारे हो जाया करो,
क्या कहूँ मैं तुझसे,
बस इतना ही मुझे भी तुमसे ही प्यार है...
तेरी जुदाई तड़पाती है मुझे,
एक बार अपने आगोश में समालो,
तेरी आँखें आज भी पीछा करती है
तुझसे मिलने की अनचाही प्यास है,
क्या कहूँ मैं तुझसे,
बस इतना ही मुझे भी तुमसे ही प्यार है...
तुम्हारी मदहोश करती आँखें,
वो प्यारी सी मुस्कान वो चौड़ा सीना,
वो अनछुई सी छुअन तुम्हारी,
मुझे इंतज़ार है तुम्हारी बाहों का,
क्या कहूँ मैं तुझसे,
बस इतना ही मुझे भी तुमसे ही प्यार है...
#SwetaBarnwal
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