कल तक जिन्हें आँखों से गिरते हुए पानी की फिक्र होती थी
आज उन्हें हमारे आँसुओं की बरसात से भी फ़र्क नहीं पड़ता...
#SwetaBarnwal
आज उन्हें हमारे आँसुओं की बरसात से भी फ़र्क नहीं पड़ता...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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