दूर से देखा उनकी आँखों में
तो अपने लिए ख्वाब नज़र आए,
जो करीब गई मैं उनके
तो वहां कोई और नज़र आया...
#SwetaBarnwal
तो अपने लिए ख्वाब नज़र आए,
जो करीब गई मैं उनके
तो वहां कोई और नज़र आया...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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