किसी ने पूछा मुझसे
ये दर्द की कीमत क्या है,
मैंने कहा मालूम नहीं
लोग मुझे ये मुफ़्त में दे जाते हैं...
#SwetaBarnwal
ये दर्द की कीमत क्या है,
मैंने कहा मालूम नहीं
लोग मुझे ये मुफ़्त में दे जाते हैं...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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