बहुत हुआ मूक प्रणय प्रिये,
आओ ना अब खुल कर प्यार करें
बहुत हुआ शब्दों से कहना सुनना
आँखों से आंखों की भी हुई बात पुरानी,
अब आ जाओ तुम मेरे पास प्रिये
होठों से होंठ जुड़े, करनी है ऐसी बात प्रिये.
बहुत हुआ मूक प्रणय प्रिये,
तेरे चौड़े माथे पर अब तुम मुझको
मधुर प्रेम को अंकित करने दो प्रिये,
तेरे सीने पर सर रख कर मुझको
अब अपनी धड़कन तुम मुझको सुनने दो..
आओ ना अब खुल कर प्यार करें
बहुत हुआ शब्दों से कहना सुनना
आँखों से आंखों की भी हुई बात पुरानी,
अब आ जाओ तुम मेरे पास प्रिये
होठों से होंठ जुड़े, करनी है ऐसी बात प्रिये.
बहुत हुआ मूक प्रणय प्रिये,
आओ ना अब खुल कर प्यार करें..
मधुर प्रेम को अंकित करने दो प्रिये,
तेरे सीने पर सर रख कर मुझको
अब अपनी धड़कन तुम मुझको सुनने दो..
बहुत हुआ मूक प्रणय प्रिये,
आओ ना अब खुल कर प्यार करें...
छुअन से कौंधे मन आँगन
आज कर लो कुछ इस तरह आलिंगन,
छा जाए हम पर ऐसी मादकता
बढ़ जाए अंतर्मन में मिलन की व्याकुलता...
बहुत हुआ मूक प्रणय प्रिये,
आओ ना अब खुल कर प्यार करें...
सासों से हो जाए सासों का मिलन
छू लो अब तो मेरा तन मन,
धड़कन से मिल जाए धड़कन
खिल उठे अब अपना ये यौवन...
बहुत हुआ मूक प्रणय प्रिये,
आओ ना अब खुल कर प्यार करें...
#SwetaBarnwal
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