एक बार आ जाओ तुम
मेरे शायरी के शब्द बन कर,
मैं अपने जज़्बातों को ज़िन्दगी के
हर पन्ने पर उतार लूं...
#SwetaBarnwal
मेरे शायरी के शब्द बन कर,
मैं अपने जज़्बातों को ज़िन्दगी के
हर पन्ने पर उतार लूं...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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