Friday, 18 May 2018

तुम गर्मी का चिलचिलाती धूप प्रिये, 
मैं पौधा गुलमोहर का, 
तुम जितना जलते जाओगे, 
मैं उतनी खिलती जाऊँगी.... 


#SwetaBarnwal 

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