Tuesday, 27 February 2018

मेरी कहानी मेरा किस्सा है तू, 
जो कभी ना जुदा हो ऐसा हिस्सा है तू... 

#SwetaBarnwal

No comments:

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...