"जरूरी तो नहीं "
गुम हूँ मैं तेरे प्यार में,
ये इज़हार जरूरी तो नहीं,
खुद को भूल बैठी हूँ मैं,
ये इकरार जरूरी तो नहीं,
हर बात होठों से कही जाये,
इश्क़ मे ये जरूरी तो नहीं,
मुझे तुझसे इश्क़ है और रहेगा,
पर उसकी नुमाइश जरूरी तो नहीं,
मन से मन का मिलन हो जाए बस,
तन से तन का मिलन जरूरी तो नहीं...
#SwetaBarnwal
1 comment:
इक़ दर्द छुपा हो सीने में तो मुस्कान अधूरी लगती है,
जाने क्यों बिन तेरे,मुझको हर शाम अधूरी लगती है…
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