कुछ वक़्त मैं तेरा साथ चाहती हूँ,
आँखों में अनदेखी बरसात चाहती हूँ,
एक बार फिर वो हसीन मुलाकात चाहती हूँ,
कभी ना बीते जो, मैं वो रात चाहती हूँ,
तेरे साथ चल सकूं कुछ कदम,
मैं वो खुशनुमा सफ़र साथ चाहती हूँ,
सुना है आज भी बहुत चाहते हो तुम मुझे,
बस होठों पर एक बार फिर इज़हार चाहती हूँ...
#SwetaBarnwal
आँखों में अनदेखी बरसात चाहती हूँ,
एक बार फिर वो हसीन मुलाकात चाहती हूँ,
कभी ना बीते जो, मैं वो रात चाहती हूँ,
तेरे साथ चल सकूं कुछ कदम,
मैं वो खुशनुमा सफ़र साथ चाहती हूँ,
सुना है आज भी बहुत चाहते हो तुम मुझे,
बस होठों पर एक बार फिर इज़हार चाहती हूँ...
#SwetaBarnwal
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