बहुत कुछ खोया है ज़िन्दगी में,
तराशा है कई बार ख़ुद को हमने,
तब कहीं जाके ये मुकाम पाया है,
लोग हमे देख ये कहते हैं,
वाह क्या नसीब पाया है,
अब उन्हें कौन समझाए कि
हमने ख़ुद को जलाया है,
तब जाकर ये उजाला पाया है...
#SwetaBarnwal
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