Thursday, 8 February 2018

मैं हिंदी हूँ...

मैं हिंदी हूँ... 
मैं हिंदुस्तान के माथे पर एक बिंदी हूँ, 
मैं खुद इतिहास हूँ बीते जमाने की, 
एक अनकही अनसुनी कहानी भी हूँ मैं, 

मैं हिंदी हूँ... 
मैं सिर्फ एक भाषा ही नहीं हूँ,
भारत देश का गौरव भी हूँ मैं 
और इसका अभिमान भी हूँ मैं,

मैं हिंदी हूँ... 
मैं दास्तां हूँ भारत देश के अतीत का, 
मैं प्रतीक हूँ इस देश के वैभव का, 
संस्कृत मेरी आदि जगत जननी है,

मैं हिंदी हूँ... 
मैं हिंदुस्तान की राष्ट्रभाषा हूँ, 
इस देश के उत्थान की एकमात्र आशा हूँ मैं, 
सच्चाई, ईमानदारी और प्रेम की भाषा हूँ मैं,

मैं हिंदी हूँ...

#SwetaBarnwal 

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