Wednesday, 21 February 2018

ऐ ज़िन्दगी...!

ऐ ज़िन्दगी...! 
थोड़ा और आज़मा ले मुझे, 
कि अभी मुझमें ज़िंदगी बाकी है... 
कर ले तू थोड़ा और सितम, 
कि अभी मुझमें हौसला बाकी है...
कितने राज़ छुपा रखे हैं तूने,
कर ले तू आज हर आज़माइश,
फिर ना मिलेगा कोई तुझे ऐसा,
कि अभी मुझमें और जुनून बाकी है...
कहीं ऐसा ना हो मेरा वक़्त ख़तम हो, 
और तेरे इम्तेहान शेष रह जाए, 
फिर ना कहना मैंने मौका ना दिया,
क्या पता कब आख़िरी शाम आ जाए...

#SwetaBarnwal 

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