Tuesday, 8 May 2018

यार ज़िन्दगी तो गुज़रेगी ही,
तेरे साथ नहीं तो तेरे बगैर ही...

#SwetaBarnwal

No comments:

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...