Thursday, 3 May 2018

तेरी चाहत का बस इतना सा जवाब है, 
जो खुद बेहिसाब है उसका क्या हिसाब दूँ...

#SwetaBarnwal 

No comments:

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...