Saturday, 29 September 2018

इज़हार...

कभी भूले से हमारी गली भी आ जाया करो,
इतनी बेरुखी भी अच्छी नहीं होती,
कभी फ़ुर्सत निकाल कर हमसे भी हाल पूछ लो,
इतनी व्यस्तता भी अच्छी नहीं होती,
हर बार मैं ही कहती रहती हूँ तुमसे,
कभी तुम भी तो कह दो "तुम्हारी बहुत याद आती है"
जानती हूँ बहुत प्यार है तुम्हें हमसे,
कभी अपने होठों से इज़हार-ए-मोहब्बत होने तो दो...


#SwetaBarnwal

प्रेम...

प्रेम
झलकता मातृत्व है,
बहना की राखी है,
भाई का प्यार है,
दोस्तों की दोस्ती है...

प्रेम
समर्पण है सादगी है,
सच्चाई है आस्था है,
प्रेम दो आत्माओं का मिलन है
प्रेम ज़िंदगी है...

प्रेम
माँ की लोरी है,
पिता की डांट है,
भाई बहन की नोंक झोंक है,
दोस्तों की शरारत है...

प्रेम
कान्हा की बांसुरी की तान है,
प्रभु राम का बलिदान है,
सीता माता का मान है,
राधा का त्याग है
तो मीरा का अभिमान है...

प्रेम
प्रेम और कुछ नहीं,
प्रेम तो बस प्रेम है,
अल्फाज़ों से परे,
भावनाओं का अद्भुत संगम है...

प्रेम
जो दिखता कहीं नहीं है,
पर होता हर जगह है,
सृष्टि का सार है ये,
जीवन का श्रृंगार है ये,
प्रेम तो बस प्रेम है,
दूसरा इसका कोई आधार नहीं...


#SwetaBarnwal

Wednesday, 26 September 2018

जाने किस बात की यारों वो हमे सज़ा दे जाता है,
जो मेरे फसाने का ही नहीं रूह का भी हिस्सा बन बैठा है...

#SwetaBarnwal
लौट कर आने वालों का दिल से हम करेंगे स्वागत,
वरना तो हम अपने शहर के खुद हैं बादशाह...

#SwetaBarnwal
उम्मीद ना रख किसी से इस दुनिया में मोहब्बत की,
बड़े गहरे ज़ख़्म दे जाते हैं शिद्दत से चाहने वाले...

#SwetaBarnwal

किसी को हम चाहें तो बेइंतहा चाहते हैं,
दुनिया में हम उसे सबसे प्यारा मानते हैं,
पर जाने वाले को हम कभी रोकते नहीं,
क्यूंकि जिसे कद्र है वो लौट कर आयेगा,
और जिसे कोई कद्र नहीं है मेरी
वो लौट कर भी अपना ना बन पाएगा...

#SwetaBarnwal

Tuesday, 25 September 2018

क्यूँ...

जिसे चाहो वही रुलाता क्यूँ है,
पास आकर वो दूर जाता क्यूँ है,
जिसे कूदरत ने लिखा नहीं तकदीर में,
उसी से मोहब्बत कराता क्यूँ है...
जिसे टूट कर चाहो वही तोड़ जाता क्यूँ है,
इश्क़ मे तन्हा छोड़ जाता क्यूँ है,
जिसे हम बसाते हैं इस दिल में
वही हमे रुसवा कर जाता क्यूँ है,
हंसाने का वादा कर रुला जाता क्यूँ है,
प्यार की राहों में अंधेरा छाता क्यूँ है,


#SwetaBarnwal

बदल दिए हैं अब हमने भी
अपने इश्क़ के अंदाज़,
वो नज़रअंदाज़ करते गए
और हम ख़ामोश होते गए...

#SwetaBarnwal 

Monday, 24 September 2018

तुम...

मेरी शायरी के अल्फाज़ हो तुम,
मेरे दिलबर मेरे हमराज़ हो तुम,
मेरी खुशियों का आगाज़ हो तुम,
मेरी हर महफ़िल की शान हो तुम,
मेरी खुशियों की पहचान हो तुम,
मेरे दिल का अधूरा अरमान हो तुम,
ऐ यार..! मेरी खूबसूरत जान हो तुम,
मेरे बिखरे सुरों का साज़ हो तुम,
मेरे दिल में छुपा एक राज़ हो तुम...


#SwetaBarnwal 
अगर ख्यालों से फ़ुर्सत मिल जाए तो
कभी हकीकत में भी आकर मिल जाना...

#SwetaBarnwal 

Saturday, 22 September 2018

मेरी ग़ज़ल हो गई...

उनसे मिली नज़र तो मेरी ग़ज़ल हो गई,
यादों में वो आए तो मेरी ग़ज़ल हो गई,

सुबह वो मिलने आए तो शाम हो गई,
उनकी जुदाई में फ़िर मेरी ग़ज़ल हो गई, 

हम याद करे और उनको ख़बर हो जाए,
समझो फ़िर मुकम्मल मेरी ग़ज़ल हो गई, 

इंतज़ार मे गुज़रे ये लम्हें साल हो गए, 
आई जो उनकी खबर मेरी ग़ज़ल हो गई,

आँसू तेरी याद में मेरे आंँखों से जो बहे,
तेरे दिल में भी चुभन हो तो मेरी ग़ज़ल हो गई,

जो वो रूठे तो हर अल्फाज़ रूठ जाए, 
वो जो आयें महफ़िल में मेरी ग़ज़ल हो गई,

तेरे आने से वीराने मे भी रौनक आ जाए, 
अल्फाज़ मिलते गए और मेरी ग़ज़ल हो गई... 

यूँ तो #श्वेता दरमियाँ हैं अपने कई फासले, 
मिल जाए जो तेरी झलक मेरी ग़ज़ल हो गई,

#SwetaBarnwal 

Friday, 21 September 2018

रूठा वक़्त...

रूठा जो वक़्त तो मना लेंगे हम,
रूठे यार को कैसे बुला पाएंगे हम,
यादों से तेरी दिल बहला लेंगे हम,
आँखों से अपने तेरे आँसू बहा लेंगे हम,
गिले शिकवे दिलों के कैसे मिटा पाएंगे हम,
सिलसिले चाहतों के कैसे दुहरा पाएंगे हम,
काश..! ये आईनें दिलों को भी पढ़ पाते,
राज़ उनके दिल के हम भी जान जाते,
ना राहें हैं अपनी और ना मंज़िल का पता,
एक मुसाफ़िर ही सही हम भी बन जाते,
आँखें अपनी हैं इसमें सजे ख्वाब भी अपने,
काश..! उन ख्वाबों के हकदार हम भी बन पाते...


#SwetaBarnwal

ऐ यारा तेरे इश्क़ मे हमे यूँ मगरूर होना नहीं,
कि तुझसे दूर हो कर अब मुझे और जीना नहीं...

#SwetaBarnwal 
काश..!
तेरी तरह हम भी मुकर पाते अपने वादों से,
बहुत थक चुके हैं हम तेरे बहानों से...

#SwetaBarnwal

दर्द-ए-दिल...

ना तुझसे किसी वादे की उम्मीद थी,
ना कभी कुछ पाने का इरादा था,
ना ज़िंदगी भर के साथ की चाह थी,
ना कोई तुझ तक जाती मेरी राह थी,

ना ही तुझसे वफ़ा की कोई उम्मीद थी,
ना ही इस दिल में तुझे पाने की हसरत थी,
ना बेइन्तेहाँ प्यार की कोई ख्वाहिश थी,
ना ही तेरे इश्क़ की कोई आज़माइश थी,

माना इश्क़ मे हर कोई बदल जाता है,
मगर उतना भी नहीं जितना कि तुम बदले,
वफ़ा की उम्मीद जिन्हें होगी उन्हें होगी
हमे तो देखना है बस तु बेवफ़ा कितना है ..


#SwetaBarnwal

तुम जो बदले
तो वो मजबूरियां कहलाए,
कभी हम जो बदल जाएं
तो बेवफ़ा हो जाएं...

#SwetaBarnwal
कभी फ़ुर्सत में भी तुझे ये ख़्याल ना आया,
किसी ने तुझे अपनी ज़िंदगी से बढ़ कर है मना...

#SwetaBarnwal 

Thursday, 20 September 2018

झूठ की बुनियाद पर तूने रिश्ते हैं बनाए,
और तेरी उस झूठ पे हमने लाखों आँसू हैं बहाए...

#SwetaBarnwal
पत्थर से सर टकरा तो लिया,
अब अंजाम-ए-इश्क़ मौत से ज्यादा क्या होगी...

#SwetaBarnwal
हर एक के मोहब्बत के नसीब मे मंज़िल नहीं होती,
कुछ हम जैसे भी होते हैं जिनका कोई साहिल नहीं होता...

#SwetaBarnwal
हमने इश्क़ मे उन्हें ख़ुदा माना
और वो बड़े खुदगर्ज़ निकले...

#SwetaBarnwal
हमने भी सुलह कर ली अपनी तकदीर से,
मांगना छोड़ दिया उनको अपने नसीब से...

#SwetaBarnwal
बातें तेरी खुब है,
पर बातों से अब ये दिल भरता नहीं,
मिलते तो कई हैं इस जमाने में,
पर कोई और अब इस दिल मे बस्ता नही...

#SwetaBarnwal
पहले तो सब जज़्बात थे,
अब बस वो कोरे अल्फाज़ हैं...

#SwetaBarnwal

अब और नहीं...

अब ख़तम हुआ ये इंतज़ार,
अब और नहीं करूंगी तुमसे प्यार,
अब और नहीं तेरे लिए तरसेगा ये दिल,
अब और नहीं बरसेंगी ये आँखें,
अब और नहीं तेरी यादों को संजोउंगी,
अब और नहीं तुझ को मैं पुकारुँगी,
अब और तेरे दिए सितम सहे जाते नहीं,
दर्द दिल के अब किसी से कहे जाते नहीं,
अपना बना कर यूँ दगा दे जाओगे तुम,
अब और ऐतबार तुम पे कर पाऊँगी नहीं...


#SwetaBarnwal


उनके लौट आने की अब ख्वाहिश ना रही,
मायूसियों से अब मेरी दोस्ती हो गई है,
ना कोई शिकवा और ना शिकायत है किसी से,
इन तन्हाइयों से अब मोहब्बत सी हो गई है...

#SwetaBarnwal 
ऐ ख़ुदा...!
कहीं कबूल ना हो जाए दुआ मेरी,
कहीं लौटकर वापस मेरी ज़िन्दगी में
मिटा ना दे वो इंतज़ार का मज़ा...

#SwetaBarnwal 
तुझसे जो हमने मोहब्बत कर ली,
ख़ुद से ख़ुद को बेगाना कर लिया...
क्या इसी को इश्क़ कहते हैं लोग,
तुझसे मिलकर सबसे अनजाना कर दिया...

#SwetaBarnwal 
तुम हमारे रहो ना रहो
वो तुम्हारी है मर्ज़ी,
पर हम सदा तेरे रहेंगे
इतनी तो सुन लो हमारी अर्ज़ी...

#SwetaBarnwal 


इन आँखों में भरे हैं तेरे प्यार के रंग,
आ चल लूँ मैं दो चार कदम तेरे संग...

#SwetaBarnwal

माँ

खुद भूखा सो हमे खिलाती है
सारी सारी रात जागती है माँ,
अपनी ममता से सहलाती है
दर्द बच्चों के अपने सह जाती है माँ,
बुरे वक़्त मे साथ निभाती है
हर बलाएं अपने सर ले लेती है माँ,
नौ महीने अपने कोख में रख
हमारे इस दुनिया में आने का जरिया बनती है माँ...

#SwetaBarnwal


उनका मेरी ज़िन्दगी में आना ठंडी हवा का झोंका सा,
और आकर यूँ चले जाना जैसे कोई एक धोखा सा...

#SwetaBarnwal

Wednesday, 19 September 2018

गर जो कोशिश करोगे तुम
सुनने की धड़कनों की सदा ख़ामोशियों में,
यकीनन तुम सुन पाओगे,
मेरी मायूसियों को मेरी साँसों में...

#SwetaBarnwal 
यूँ ही सबसे दूर ख़ामोश बैठी रहती  हूँ,,,,
इस तरह हाल- ए - दिल कहते रहती  हूँ.... |

#SwetaBarnwal 
ख़ामोशी में चाहे जितना बेगाना-पन हो,
लेकिन इक आहट जानी-पहचानी होती है... |

#SwetaBarnwal 
तुम शब्दों के जादूगर हो,
मै ख़ामोशियों की सौदागर हूँ.. |
तुम ने जब चाहा, जो चाहा, कह दिया,
मैने हर बार, हर बात हंस कर मान लिया.... ||


#SwetaBarnwal 
किसी ने सच ही कहा है,  लेखनी में वजन खुद बखुद आ जाता है,
गर चाहत सच्ची हो, या फिर इश्क में उसका दिल टूटा हो..

#SwetaBarnwal 
किसी ने कहा मुझसे ;

तुझे क्या कहूं तू है मरहबा. तेरा हुस्न जैसे है मयकदा
मेरी मयकशी का सुरूर है, तेरी हर नजर तेरी हर अदा...

तो हमने भी कह दिया ;

ये कोई जलवा नहीं है मेरे हुस्न का,
ये तो बस इनायत है आपके नज़र-ओ-करम की...


#SwetaBarnwal 

वही तो हैं पिता...

बिठा कर अपने कांन्धे पर
जिसने हमे दुनिया दिखलाई,
लाख आई राहों में मुसिबतें पर,
उनके चेहरे पर एक शिकन ना आई,
हर मुश्किलों मे हौसला बढ़ाया,
आँधियों से जिसने लड़ना सिखाया,
जिनके साये मे महफूज़ गुज़री है ज़िंदगी,
वही तो हैं पिता हमारे...

#SwetaBarnwal

Tuesday, 18 September 2018

बेइंतहा...

आज भर कर बाहों में तुझे,
जी चाहे तुझे बेचैन कर दूँ,
चूम लूं इस कदर तेरे होठों को,
तेरी रातें मैं रंगीन कर दूँ,
उतर जाऊँ तुझमे इस कदर
मैं रूह बन कर,
कि अपनी साँसें आज
तेरे नाम कर दूँ,
तोड़ कर मैं सारी हदें
इस कदर तुझमे समा जाऊँ
कि अब तुम तुम ना रहो
और हम रहें ना हम


#SwetaBarnwal 

Monday, 17 September 2018

चल छोड़ दे ये ज़िद अब...

चल छोड़ दे ये ज़िद अब
कि मिटा दे सारे रंज-ओ-गम,
खो जाएं एक दूजे के बाहों में,
छोड़ इस दुनिया का भरम...

#SwetaBarnwal


जी चाहता है...

तेरी इन आँखों में उतर जाने को जी चाहता है, 
तेरे इश्क़ मे यूँ हद से गुजर जाने को जी चाहता है,

मयकशी सी हैं ये दोनों आँखें तेरी,
डूब कर इसमें नशे में झूम जाने को जी चाहता है, 

एक बार अपनी बाहों में टूट कर बिखर जाने दे, 
आज फिर से तेरा हो जाने को ये जी चाहता है, 

गम दिए हों लाख तूने मोहब्बत मे हमको, 
हर बार तूझी पे मर मिट जाने को जी चाहता है, 

कर ले तू इस दिल पे चाहे कितने भी सितम, 
हर बार तु ही मेरा सनम हो ये जी चाहता है, 

चल छोड़ भी दे अब सारे शिकवे शिकायत, 
तेरी एक हंसी पे कुर्बान होने को जी चाहता है, 

मुकद्दर में लिखे हों चाहे कैसे भी हालात, 
ताउम्र तेरा ही साथ पाने को ये जी चाहता है... 

#SwetaBarnwal 



गर तुम्हें मुझसे मोहब्बत ना थी तो कह देते,
यूँ चुप रह कर मेरी खुशियाँ क्यूँ लूट ले गए...

#SwetaBarnwal 

बेवफ़ाई...

जब भी चाहा तूने
इस दिल से खेल लिया,
दिल से दिल मिलाकर
तूने इस दिल को तोड़ दिया,

ये दिल है दिल मेरा
कोई धर्मशाला नहीं,
जब चाहा दिल बहलाया
जब जी भर गया चल दिए,

कब तक तेरी ख्वाहिशों पे
खुद को लुटाती रहूँ,
कब तक मैं अपने दिल को
यूँ ही समझाती रहूँ,

तुझे अपने सर का
सरताज बनाया हमने,
हर आरज़ू को तेरी
अपने दिल से लगाया हमने,

तुझ पे आकर बिखर जाती हूँ मैं,
वरना किसी और का गुज़ारा नहीं,
गर जाने की ज़िद ठानी है तुमने,
चले जाओ ये दिल है मेरा आवारा नहीं,

बेवफ़ाई का इल्ज़ाम मुझपे लगा जाओ,
तुझे हर इल्ज़ाम से आज़ाद करती हूँ,
इश्क़ किया है तुझसे बेइंतहा मैंने,
तुझे अपने आप से मैं आज़ाद करती हूँ...

#SwetaBarnwal


Sunday, 16 September 2018

स्त्री का वजूद...

मेरी ख़ामोशी को मेरी कमजोरी समझते हो,
जो मैं बोल दूँ तो सुई सी तुम्हें चुभ जाती है,
क्यूँ मेरे सवालों से खीज होती है तुम्हें,
उठ जाए जो सर हमारा तो तुम्हारी तौहीन हो जाती है,
जो मैं बोल दूँ तो सुई सी तुम्हें चुभ जाती है,

शर्म-ओ-हया ही हम औरतों का गहना है,
हर अत्याचार हमे यूँ ही चुप चाप सहना है,
हर खोखले रीति रिवाजों को हमे ही ढोना है,
हमारे अस्तित्व पर हर बार ये सवाल छोड़ जाती है, 
जो मैं कुछ बोल दूँ तो सुई सी तुम्हें चुभ जाती है,

नारी देवी तुल्य है, ये दुनिया को सीखलाते हो, 
पत्थर की देवी के सामने श्रद्धा से सर झुकाते हो, 
"नारी तू नारायणी" के स्वर हमेशा गाते हो, 
हमे हर अधिकार से महरूम कर जाते हो,
जो मैं कुछ बोल दूँ तो सुई सी तुम्हें चुभ जाती है,..

हर बात पर हमारे चरित्र पे उंगली उठाते हो, 
कभी हमारे कपड़ों पे तो कभी हमारी आज़ादी पे 
कभी हमारे स्वाभिमान पे तो कभी हमारी आत्मनिर्भरता पे 
ना जाने कैसे कैसे तुम सवाल उठाते हो,
जो मैं कुछ बोल दूँ तो सुई सी तुम्हें चुभ जाती है,..

तुम्हारी दुनिया, तुम्हारी अदाकारी, तुम्हारे नियम, तुम्हारे कानून, 
हम कौन हैं...? 
हमारा अस्तित्व क्यूँ सिर्फ़ तुम्हारे बिस्तर तक ही सीमित होता है, 
क्यूँ हमारा वजूद तुम से शुरू हो कर तुमपे ही ख़त्म हो जाता है,
हमे ही क्यूँ सबकुछ सहना सिखाया जाता है, 
जो मैं कुछ बोल दूँ तो सुई सी तुम्हें चुभ जाती है,..

नौ महीने कोख में बच्चे को हम रखते हैं और नाम तुम्हारा होता है, 
क्यूँ मर्दों की इस दुनिया में हमारी कोई पहचान नहीं होती है,
क्यूँ हमारी आवाज़ को हमारे गले में ही दफ़न किया जाता है,
अब और सहन ना होगा हमसे, अब ये ख़ामोशी टूटेगी,
हम नारी जब ख़ुद पे आ जाएं तो काली बन काल पे टूटेगी...

#SwetaBarnwal

Ye paisa h



Ye paisa h,
Na jane kiske jaisa h,
Har pal naye khel dikhata h, 
Ye pal pal kai rang badalta h,
Kabi tere rang ka ho jata h,
Kabi mere rang me mil jata h
Ye paisa h,
Na jane kiske jaisa h...

#SwetaBarnwal 
जी लो जी भर कर
ज़िंदगी के इन लम्हों को,
क्या खबर...!
अगले पल हो ना हो...

#SwetaBarnwal 

Saturday, 15 September 2018

बेवफ़ा

वो ना बेवफ़ा था ना दिल का बुरा था,
बस किस्मत मे ना अपने मिलना लिखा था,
वो मेरी हर शायरी का आईना था,
मेरी रूह से जैसे उसका बावस्ता था,
वो मेरे दिन का चैन रातों का सुकून था,
इस बात से वो भी अनजान ना था,
यूँ तो वो हर बात में जुदा था मुझसे,
फ़िर भी मेरे हर एहसास मे वो बस्ता था,
उसकी हर कही को इस दिल ने माना,
उसे मुरत बना कर इस दिल ने पूजा,
इस कदर बस गया था वो साँसों में मेरे,
जैसे मंदिर में दिया जलाया हो किसी ने,
अचानक एक झटके में सब कुछ बदल गया,
एक झपकी सी लगी और मंजर बदल गया,
सब कुछ ठहर गया था और वो दूर जा रहा था,
कदमों के नीचे से मेरे जैसे जमीन खिसक रही थी,
संजोया था जिस दिल में मैंने वो ख्वाब सलोने,
ताश के पत्तों सा वो घर बिखर रहा था,
शायद रही होगी जरूर उसकी कोई मजबूरी,
जो तोड़ कर इस कदर वो मेरा दिल जा रहा था,
वो ना बेवफ़ा था ना दिल का बुरा था, 
बस किस्मत मे ना अपने मिलना लिखा था...

#SwetaBarnwal 
बहुत से चाहने वाले मिलेंगे
तुझे ज़िंदगी की राहों में,
पर जो कभी ना भूल पाओ
वो चाहत यकीनन हमारी होगी...

#SwetaBarnwal


कुछ लोग बिन मिले रिश्ते निभा जाते हैं,
और कुछ मिल कर भी अजनवी रह जाते हैं...

#SwetaBarnwal 
यकीनन खुशहाल तो आज भी बहुत हैं,
पर उनके चेहरे पर वो हंसी नहीं जिसकी वजह मैं थी...

#SwetaBarnwal 
हमने उन्हें टूट कर चाहा
और चाह कर फ़िर टूट गई...

#SwetaBarnwal 
इन साथ बिताए लम्हों को संजो कर रखना,
कल ये यादें तो रहेगी पर हम शायद ना होंगे...

#SwetaBarnwal 
फ़र्क नहीं पड़ता अब तेरे होने ना होने से,
सीख लिया है मैंने भी तेरे बिना अब जीना...

#SwetaBarnwal 
ख़ुदा ने जहाँ के सारे दर्द समेटे
और फ़िर मेरा दिल बना दिया...

#SwetaBarnwal

Thursday, 13 September 2018

ये इश्क़ ये मोहब्बत
सारे फसाने हैं
जो किस्मत साथ नहीं
तो अपने भी बेगाने हैं...

#SwetaBarnwal

Wednesday, 12 September 2018


हमारे रिश्ते को भले कोई नाम ना दो,
जब जी चाहे चले जाना पर कोई इल्ज़ाम ना दो...

#SwetaBarnwal

वो हमारी मोहब्बत है
तभी तो बदलते नहीं हैं,
शायद हम उनकी जरूरत थे,
जो वक़्त के साथ बदल दिए गए...

#SwetaBarnwal
ना तुझे मन्नतों में कभी मांगा,
ना तुझे किस्मत से कभी चाहा,
खुश रहे और आबाद रहे तू,
दिल ने बस यही दुआ मांगा...

#SwetaBarnwal
यूँ तो तेरी चाहत में हम फना़ हो जाएं,
पर मेरे बाद मेरी तरह तुम्हें चाहेगा कौन...

#SwetaBarnwal 
वो तो लफ़्ज़ों में भी हमें बांध ना सके,
और हमने तो उन्हें अपनी साँसों से जोड़ लिया है...

#SwetaBarnwal 
बस तुम चाहत का इरादा तो रखो,
उसे निभाने का वादा हमारा होगा...

#SwetaBarnwal 
खोने से डरते हैं तुम्हें,
इसलिए पाने की चाहत छोड़ दी...

#SwetaBarnwal 
Ye kaisi h चाहत
Jo waqt की मोहताज बन जाए,
सर का ताज ना सही,
पर चाहत हो ऐसी कि दिल पे दिलबर का राज हो जाए...

#SwetaBarnwal
Ye kaisi h चाहत
Jo waqt की मोहताज बन जाए,
सर का ताज ना सही,
पर चाहत हो ऐसी कि दिल पे दिलबर का राज हो जाए...

#SwetaBarnwal

Monday, 10 September 2018

मानी थी जिसे हमने सूरत मोहब्बत की,
वो दिल-ए-यार निकले मुरत पत्थर की...

#SwetaBarnwal 
Vo kahte h, tumhe yaad bahut karte h hum,,,
Fir tumhi batao yaron, aajkal hichkiyan kyun band h...

#SwetaBarnwal 
Logon ki bat mat puchho,
Yahan apne hi Tanha chhod jate h...
Khilauno ki kya bisat,
Log muskurata hua dil tod jate h...

#SwetaBarnwal 
Mai jhuk gai, ise meri kamjori mat samjho,
Bass rishte ko aham se jyada ahamiyat di maine...

#SwetaBarnwal 
Beimano se gar iman karne nikloge,
To khud se beimani ho jayegi...

#SwetaBarnwal 

Sunday, 9 September 2018

तुझसे बात करूं तो मिल जाए,
शायद...! सुकून यही कहलाए...

#SwetaBarnwal 
काश...! मैं भी एक झूठ होती,
जिसकी जरूरत तुम्हें हर पल होती...


#SwetaBarnwal 

Saturday, 8 September 2018

बस यही तो एक फर्क है
उनकी और हमारी मोहब्बत मे,
उन्हें जब भी हमारी याद आती है बहुत आती है,
और हमें उनकी याद से कभी फ़ुर्सत नहीं मिलती है...

#SwetaBarnwal
वो मोहब्बत तो बेमिसाल करते थे,
हांँ मगर सिर्फ  फुर्सत के लम्हों मॆ...

#SwetaBarnwal 

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...