Wednesday, 29 May 2019

जुदाई...

यूँ अचानक तेरे चले जाने से
रंग जीवन का जैसे यूँ उड़ गया
बह गए आँख से सारे सपने
खो गई जहाँ की सारी ख़ुशी

रह गया अपना ये खोखला तन
उड़ गया कहीं मेरा मन
रूठ कर मुझसे मेरा वो अपना
खो गया ना जाने कैसे कहाँ

दिन के उजाले में भी जैसे
घनघोर अंधियारा छा गया
ऐ ज़िन्दगी अब तु ही बता
ये क्या से क्या हो गया

है ये कोई पल दो पल की सज़ा
या जीवन मेरा मुरझा सा गया
आख़िर क्यूँ मोहब्बत के नसीब मे
होती है जुदाई की ऐसी सज़ा

#SwetaBarnwal




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