Tuesday, 7 May 2019

कोई पूछे...

कोई पूछे तुमसे कौन हूँ मैं
तो कह देना कोई खास नहीं
एक साथी है कच्चा पक्का सा
एक झूठ है आधा सच्चा सा
कोई पूछे तुमसे...
जज़्बात के मन पे पर्दा सा
बस एक बहाना जो है अच्छा सा
जो पास होकर भी पास नहीं
पर उसका छुपा कोई राज़ नहीं
कोई पूछे तुमसे...
एक ख्वाब है वो अनजाना सा
सच भी उसका बेमाना सा
एहसास है उसका मीठा सा
पर प्यार है उसका झूठा सा
कोई पूछे तुमसे...
चंदा की किरणों सा है शीतल
कोई सोना नहीं वो है पीतल
कोई भी उसके साथ नहीं
और सच की उसको आस नहीं
कोई पूछे तुमसे...

#SwetaBarnwal 

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